आदर्श कुमार इंकलाब

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अपनी धरती का दिलकश नजारा हूं मैं

अपने अंबर का रौशन सितारा हूं मैं

मेरी धरती भी तुम, मेरा अंबर भी तुम

जो हूं, जैसा हूं, बस तुम्हारा हूं मैं..!

आदर्श कुमार इंकलाब-

ये मेरा नाम ही नहीं, मेरे रूह की आवाज भी है।

पत्रकारिता मेरा जुनून है।

स्टार न्यूज वो आशियाना है, जहां मैं सबके सामने साक्षात होता हूं।

पिछले ढ़ाई वर्षों से यहां हूं।

इससे पहले जनसत्ता, ऑल इंडिया रेडियो और आज तक से भी कुछ समय के लिए जुड़ा रहा।

जन्मभूमिजहां जगतजननी मां सीता ने जन्म लिया-सीतामढी( बिहार)।

व्यक्तिगत उपलब्धियां-

गोल्ड मेडलिस्ट( हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार, दिल्ली विश्वविद्यालय)।

दिल्ली विश्वविद्यालय में हिन्दी पत्रकारिता एवं जनसंचार(ऑनर्स) में प्रथम स्थान प्राप्त।

हिंदी अकादमी से लेखन के लिए अवार्ड।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से बेस्ट स्टूडेंट का अवार्ड प्राप्त।

देहमुक्ति की अवधारणा और हिंदी फिल्में विषय पर शोध कार्य- शीघ्र प्रकाश्य।

धर्म और कर्तव्य – टीवी पत्रकारिता

अभिरुचि-

फिल्म निर्माण

अभिनय, डांस, गीत-संगीत

एंकरिंग

कविता पाठ

शेर-ओ-शायरी

भाषण देना

भारतीय राजनीति का विश्लेषण

लेखन

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56 responses to “आदर्श कुमार इंकलाब

  1. I read ur words, realy very very nice. U touched my heart by words.
    Can we meet please?

  2. Hello Adarsh,
    U dont know me, I came here by orkut.
    But after reading your poems, I feel that u will be realy a nice person.
    I also write poems, kabhi agar mulaqat hui to sunaungi.
    God bless u.
    Have u any girlfriend?

  3. kaise hai aap?
    nam nahi bataungi,
    but I alwz remember you.
    agar aap mujhse chhote na hote to
    shadi kar leti.
    aapke kareeb aane se darti hu,
    kahi mujhe aapse pyar na ho jae.
    Dont guess? take care.

  4. Hi Inqalab,
    very very nice writing, I alwz visit ur blog n feel too
    much associated with ur writing.

  5. Aag jalti rahni chahie!
    Aap aage badhie..ham aapke sath hai.

  6. Aapke jajbat ko naman.
    Desh ko netritva pradan kijie.
    we are alwz ready to accompny u.

  7. aapka likha hua padhkar to khoon khaul uthta hai.
    wastav me ab chup baithne se kam nahi chalne wala hai.
    Mashal jalae rakhie.. hamlog aapki ek awaz par daude chale aaenge..jan aandolan chhedne ki jaroorat hai.
    Inqalab Jindabad…jai hind…!

  8. great writing. I’ll wait for ur next post.
    U made me alive, if every indian will think like u then our India will rule the world in every sphere.
    I cant express how much I feel glad.
    Agar kabhi kahi aapka bhashan ho to jaroor bulaiega.
    post information about that on ur blog!
    God bless u. A lot of love and wishes for U.
    Go ahead, we all are with you.
    take care.
    Inqalab…Jindabad…!

  9. गजब…भाई साहब!
    क्या खूब लिखा है आपने।
    आप आगे बढ़िए, हमें उम्मीद है कि देश की अवाम का साथ
    आपको मिलेगा। आपने जिस सुंदर भारत की कल्पना की है,
    उसे साकार करने में जुट जाइए। देश पुकार रहा है।
    हम सब आपके साथ हैं।

  10. delhi university me aapki aur aapke inqalabi vyaktitva ki badi charcha hoti rahti hai.
    kabhi aaie to mulakat ho!
    apna mobile no to dijie, mera no purana wal hi hai.

  11. bahut bahut badhai bahi sahab!
    Delhi aaunga to jaroor mulaqat karne ki koshish karunga.
    I became ur fan!
    God and people of our country are with you.
    Rajniti ko saaf banana jaruri hai..kuchh kijie!

  12. bahut badka badka logan ke likhal ham padhni, vidypati se le ke salman rushdi tak par babua ahan ke bhitar je aag hamra ke nazar aawela woisan kahi na dekhni.
    ham jayda ta na kahab, raura hamra se umar me bhi 10 sal chhot hoeb-woi lihaz se kaha tani ki kuchh jaroor kara tu apna mulk khatir…rajniti me aawa ta rajniti ke saf-suthra banava..naya naya naujwan ke apna sath leke chala ta kuchh hoe ke gunjaish ba..man ta karai ki aur likhu lekin ek ghanta poora ho gel ba..i cafe wala sasura bada baiman ba..char minute se jyada ho jaet ta poora ghanta ke charge le let.inqalab jindabad..jai ram ji ki!

  13. बात तो ठीक कहते हो भाई साहब। आपका संवाद पढ़ने के बाद से विचार मंथन और तेज हो गया। लेकिन बेरोजगारी, गरीबी और तरह-तरह की मजबूरी है जो इंसान का पीछा नहीं छोड़ती। खासकर हम लोग यूपी वालों(बिहार और झारखंड वालों को भी) कुछ ज्यादा ही संघर्ष करना
    पड़ता है। मुंबई में जो कुछ हुआ, उसके बारे में आपके क्या विचार है?
    कुछ नया आलेख और कविताएं ब्लॉग पर डालिए- इंतजार रहेगा।
    कभी इलाहाबाद आना हो तो इस अदने आदमी को आवाभगत का मौका
    अवश्य दें। आदेश दें और समय निकाले तो एक सभा का आयोजन किया
    जाए, हम सब के इंकलाब की खातिर, आपको पढ़ने के बाद सुनने की जिज्ञासा जाग उठी है।
    राधेश्याम शुक्ल, इलाहाबाद।

  14. क्या हाल है आदर्श बाबू? हमको तो लगा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जाते ही आपका
    इंकलाब ठंडा पड़ जाएगा। लेकिन गजब…ऐसा हुआ नहीं।
    मेरी आपसे डिबेट में मुलाकात हुई थी, सत्यवती कॉलेज में।
    मुझे अच्छी तरह याद है आपके जबरदस्त बोला था-
    डिबेट के बाद आपकी धुआंधार शायरी आज तक भुला नही हूं।
    आजकल क्या चल रहा है, जरूर बताइएगा।
    नया कुछ पोस्ट कीजिए।
    संवाद में खून खौला देनेवाला लेख लिखा है आपने।

    सुमन सक्सेना, रोहिणी, दिल्ली।

  15. Jabardast inqalab ji!
    Maine to apne sabhi doston se kah dia hai ki is blog ko jaroor padhte rahe.
    Jindgi ko jam kar jeene ka josh barkarar rahega.
    Main apke vicharon se juda hua mahsus karta hu.
    Sarfaroshi ki tamanna ab hamare dil me hai,
    Dekhana hai jor kitna bajue katil me hai.

    Is vaicharik yatra par bundelkhand vasiyon ka poora sath hai.

    Inqalab jindabad ..!

    We must contribute for nation’s development.

    Roshan pratap singh, Bundelkand

  16. अभिषेक वर्मा, आगरा

    गजब ब्लॉग है भाई।
    पानी साथ रखना होगा।
    गर्मी में अगर आपका आलेख पढ़ा
    तो समझिए बंदा तो गया।
    बहुत खूब।
    आपने मेरी आंखें खोल दी।
    मैं पहले देश के बारे में कभी सोचता ही नहीं था,
    लेकिन अब तो देश के लिए मानो जीवन कुर्बान हो।
    इंकलाब जिंदाबाद।
    मोबाइल नंबर दीजिए ताकि आपसे दो-चार बातें हो सके।
    मैं भी हिंदी साहित्य का विद्य़ार्थी रहा हूं।
    भूषण और कवि चंदबरदाई के बाद दिनकर के समक्ष मैं आपको
    खड़ा पाता है। गजब आग है आपकी बातों में।
    अभिषेक वर्मा, आगरा

  17. मेरी बधाई स्वीकार करें।
    आप आगे बढ़े, शिक्षाविदों का भरपूर सहयोग मिलेगा।
    बुद्धि के साथ कदम बढ़ाएं ताकि क्रांति को कुचला न जा सके।

  18. आपका ब्‍लाग देखा , अच्‍छी दिशा में जा रहे हैं आप, इलेक्‍ट्रानिक मीडिया से जुड कर भी आप इस सब के लिए समय निकाल रहे हैं यह देख अच्‍छा लगा। अपना यह जनून बनाए रखिए आपका

    कुमार मुकुल

  19. UR WORDS HAVE IMPRESSED ME SO MUCH. I CANT EXPREES.
    I SURPRISED HOW ANYBODY CAN WRITE LIKE THIS FULL OF WISDOM, INFORMATION, ANALYSIS,EMOTION,PASSION N MOST IMPORTANTLY CLEAR SENSE OF THINGS WHAT SHOULD BE DONE FOR OUR NATION. I SALUTE U MAN. I HAVE A GREAT RESPECT FOR U. MY GOOD WISHES ARE ALWZ WID U.

  20. प्रेम नारायण सिन्हा

    रामचंद्र शुक्ल के आलेख के बाद अगर किसी का आलेख अब तक मुझे सबसे
    ज्यादा पसंद आया है तो वो आपके आलेख हैं। दुष्यंत कुमार ने कहा था- कि
    हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए- मुझे लगता है जिनके विचार राखतुल्य
    हो गए हों और संवेदनाएं सदा के लिए सो गई हों- उन्हें कम से कम आपका आलेख जरूर पढ़ना चाहिए। मैं इंग्लिश लिटरेचर का व्यक्ति हूं, लेकिन हिंदी में भी समान रुचि है- इंस्टीच्यूट में अध्यापन कार्य करता हूं। मैं इस साइबर कैफे से 75 कापी प्रिंट आउट आपके तीनों आलेखों का ले जा रहा हूं, इसे मैं अपने छात्रों में बांटूंगा और उनसे कहूंगा कि जज्बा और काबिलियत क्या होती है कोई आपसे सीखे।

    प्रेम नारायण सिन्हा

  21. Bahut khoob..! kya shandar blog banaya hai aapne!
    jab bhi josh aur himmat ki bat aaegi Dushyant kumar ke bad aapka hi nam lia jaega. Main kal ek lekh bhej raha hu aapko.

  22. आलोचना सिंह, जबलपुर

    पूंजीवाद और जलना किसे कहते हैं-पढ़ने के बाद लगा कि असली साहित्य वही है जो लोगों को देशहित और समाजहित के लिए प्रेरित कर सके। इस हिसाब से देखा जाए तो मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि आप समकालीन कविता के समर्थ हस्ताक्षर हैं। मेरी बधाई स्वीकार करें।
    आलेख पढ़कर मन आंदोलित हो उठा।

  23. achhi disha me nek niyati se prayaas hai,likhte rahe

  24. प्रभात सिंह, जमशेदपुर

    मै हाथों में अंगारों को लिए सोच रहा था
    कोई इन अंगारों की तासीर बताए।

    और खुदा का करिश्मा कि आप मिल गए। दिल्ली आउंगा तो जरूर आपसे
    मुलाकात करूंगा।

    मेरी आपसे एक ही गुजारिश है मशाल को कभी बुझने मत दीजिएगा चाहे
    इसके लिए कितनी ही कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
    इंकलाब… जिंदाबाद..जय हिंद

  25. अश्विनी कुमार शुक्ला, पटना

    देश के इस सपूत आदर्श कुमार इंकलाब को मेरा सलाम।
    इंकलाब की सोच को सबसे ज्यादा नुकसान अगर हुआ है तो उन लोगों से जो
    सिर्फ कहने के लिए नौजवान हैं, नौजवानी क्या होती है..इसका अहसास तक
    उन्हें नहीं होता…चार लड़कियों को साथ घूमाकर और अपनी शारीरिक भूख
    मिटाकर ही उन्हें महसूस होता है कि वो जवान है।
    धिक्कार है जो ऐसा सोचते हैं…अगर उन्हें लगता है कि ये जवानी है तो उन्हें चुल्लू
    भर पानी में डूब मरना चाहिए।
    जिस जवानी में अपने वतन के लिए कुछ करने का जज्बा न हो, उन्हें क्या कहा जाए।
    मैने आठ साल की तैयारी के बाद एसएससी में नौकरी पाई है, दो बेटे हैं- एक बीवी है, लेकिन मैं आज आपसे वादा करता हूं कि भगवान ने इतना दिया है कि जीवन भर खा-पी सकूं..बेटा खुद अपनी सोच लेगा। आप जब इंकलाब का आह्वान करेंगे मैं कूद पड़ूंगा..नौकरी से त्यागपत्र देकर..इंकलाब..जिंदाबाद..

  26. shabd nahi hai mere pas…pura ka pura padh dala bhai sahab..
    aap jis vichar kranti ki bat karte hai..kya aapko lagta hai bharat ki janta samjhegi.
    waise koshish to karni hi chahie.
    hamari duae aapke sath hai.
    sadharan aadmi hu, kewal padh-sun leta hu.
    dunia ka tam-jham itana jyada hai ki samay nikalna bada mushkil hai.
    lekin aapne jo likha hai usko padhke to roaan-roaan khada ho jata hai….lagta hai inqalab ab bhi aap jaiso ke dilo me jinda hai.
    inqalab…….jindabad…
    kyun, thik raha na?

  27. जनार्दन तिवारी, दरभंगा

    बंधु
    मेरा प्रणाम स्वीकार करें।
    जब से आपको पढ़ा तब से यही सोचे जा रहा हूं कि काश सबकी नहीं तो पांच फीसदी लोगों की सोच भी आपके जैसी होती तो हमारे भारत का अक्स कुछ और होता। लोग कहते हैं कि आर्थिक प्रगति हुई है, सही है लेकिन उसका दूसरा चेहरा कम दागदार नहीं है। लोग भूख से अब भी मरते हैं, मानवता की
    बात करना बेमानी है।

    कुछ कहूंगा तो नहीं पर आपसे वादा करता हूं कि देश के लिए जो कुछ बन पड़ेगा, करुंगा। कभी दर्शन दें तो खुद को खुशनसीब समझूंगा।
    मान्यवर कुछ और लिखें।
    आपका-
    जनार्दन, दरभंगा

  28. Waqt ki jaroorat hai-ham aap aage badhe.
    Inqalab ke manch ko mera sadar naman.
    koi sabha aayojit kijie taki jamkar vichar-vimarsh ho.

  29. By your achievement u r realy very intelligent, smart and
    attractive personality, which is mixed up of brain and good heart. ek jagah photo ke caption me likha hai- log kahte hai u r too smart. I agree with this. log sahi kahte hai.
    realy impressed.

  30. blog ki dunia me bhatakne ke bad pahli bar rooh ko sukoon nasib hua. par meri aarzoo hai ki is blog ke lie sirf apko hi nahi jitne bhi inqalab pasand shakhs hai, unhe mehnat karne ki jarrorat hai taki hamari awaz tamam mulk me buland ho sake..jai hind..sare jaha se achchha hindostan hamara…inqalab jindabad..!

  31. Hi Adarsh!!!!!!

    Got to know much about u!!!!!

    Really good……

  32. aap ki kavita sach me aazadi ka josh yaad dilati hai, magar dost.. may aap se yah kahana chahta hu ki aap yah sirf likhate ho? plz. ise publish bhi kiya karo.. or agar aap ke pas esi bahut sari kavitaye hai to unhe logo tak pahonchane do… kayu ki ham ne angrejo se aazadi pa li. magar hamare swadesi angrez hame gulam bana ke rakh rahe hai.. un se aazadi pana muskil hai..

    dost muje bhi is bare me bahut padhana achcha lagata hai.. mera work hi kuch esa hai ki may hamesa shahido ke bare me padhata hu…

    hal hi me mene 1 book ka work kiya… aap use padhoge to sach me aap bahut khus ho jaoge… kyu ki us me kuch esi kahani hai jo sayad bahut sare logo ko pata nahi….

    “1947 ki 15 augest se aktubar 1947 ke bich ghati ghatanao pe aadharit yah upanayas hai……”

    agar ham aaj kashmir ko aapana kahate hai, or gair kahate hai.. to kaya aap ko malum hai ki aapana kashmir kahane ke piche kin logo ne balidan diya tha?…..

    agar dost tumhe is upanayas ko padhana pasand karate ho to muje email karana.. may jarur aap ko ek copy bhejunga……

    mene sirf is ka composing or printing kiya hai.. magar dil ko dhalanewala hadasa tha.. san 1947 ke 15 augest ka…… kin viro ke balidan se yah aaj kashmir ko aapana kah sakate hai… un ko mera salam….

    plz. muje aazadi se lagav hai.. shaido se payar hai.. or aap jese dosto ka payar -rista pana chahta hu..

    usi upanayas se ek kavita yaha pesh karata hu.. sayad aap ko pasand aayegi…
    ————————
    Our Father who art in Heaven,
    Hallowed be Thy name !
    Thy Kingdom come !
    Thy will be done
    On Earth as it is in Heaven !
    Give us this day our daily bread,
    And forgive us our debts and sins
    As we also have forgiven our debtors,
    And lead us not into temptation
    But deliver us from evil.
    For, Thine is the Kingdom and the Power
    And the Glory for ever. Amen.
    ————————————-

    plz. muje repply dena .. mera email id = aapkahi_dost@gmail.com
    or mera cell no. 09374273690
    ——————–

    may filhal ek or book ka work kar raha hu.. vo gujarati me typing kar raha hu. magar hundistan ko aazadi mili to kin sahido ke bal par?… 1857 se 1947 tak ke sahido ka pariyachaya.. etc diya hai is book me. agar aap ko gujarati padhana pasand ho to muje bataye..
    —-
    aap ka dhanyawad… ki aap ne mera yah bahut lamba lettar padha. is ke liye..

    INQALAB JINDABAD..

  33. Kishore Ji,
    Namaskar…!
    achchha laga…khushi hui.
    aapse jaroor sampark kiya jaega.
    U can send ur novel at the address-
    Aadarsh Kumar,
    Star News,
    A-37,
    Sec-60,
    Noida(UP)
    PIN-201307

  34. बेहद सराहनीय प्रयास बाटे। बधाई।
    आगे बढू- नाम कमाऊ।

  35. HAmare Atmswaroop,
    Its good to see ur post.
    Let me know how you are adding in Vichaarkaranti.
    as u hv tht logo of Mashaal.

    Messenger
    Prakhar Pragya, Sajal Sradha
    http://www.smsgupshup.com/groups/Life_Positive
    Life_Positive Blog at Blogger

  36. जन्मदिन मुबारक हो- एक दिन आप देश को अवश्य नेतृत्व प्रदान करेंगे।
    यह बात उतनी ही पक्की है- जितनी कि इस दुनिया में हमेशा सूरज-चांद का अस्तित्व रहेगा।

  37. ऐसे लोग बहुत मुश्किल से मिलते हैं आदर्श बाबू- क्योंकि आप जैसा होने के लिए बड़ी तकलीफ झेलनी पड़ती है- खैर मैं तो सामान्य आदमी हूं लेकिन आप अपने जैसे कुछ लोग भी बना पाएं तो अपनी कामयाबी समझिए। मन खुश हुआ। कभी उदयपुर आना हो तो मिलें- खुशी होगी।

  38. apko mera salam!
    aapko main school ke dino se janta hu.
    main nahi janta ki apko kis had tak kamyabi mili, par itna jaroor kahunga ki koi apna lakh sar phod le- apki pratibha ka daswa hissa bhi khud me nahi talash sakta. main oriental school me tha- jab meri apse bat hoti thi.
    realy u r genius yaar…and a diamond heart of course.
    nahi milta aaj ke jamane me aap jaisa vyaktitva- salam bhai.

  39. I met u…where..dont tell. I’LL also not tell u my name but u are a dream boy for any talented girl- U are so lovely man..just lovable..but I think u r too reserve…why i dont know…anyway..best of luck…got married?

  40. UM DIA VOU APRENDER ESTA LINGUAGEM NEM QUE SEJA ALGUMAS PALAVRAS

  41. परम आदरणीय आदर्श जी, मेरा प्रणाम स्वीकार करें।
    आपके लेख और आपकी कविताएं दोनों इस बात कि सबूत है कि आपके भीतर बहुत कुछ चल रहा है। पर अफसोस इस बात का है कि मैं जितनी बार इस ब्लॉग पर आया- नया कुछ नहीं पोस्ट दिखा. वजह तो मैं नहीं जानता पर निराशा होती है। उम्मीद है अब आपका लिखा पढ़ने को मिलेगा। आपके लेखन में कुछ ऐसा है जो अच्छा अहसास दे जाता है- उत्साह भर देता है। आपका- दीनानाथ झा, धनबाद।

  42. SIR MAI AAPKE SABHI RACHANA KO PADHA AUR PADH KAR DIL NE TO THAN LIYA KI APANE DESH KE LIYE KUCHH KARU,SIR AGAR DESH KE LIYE KUCHH KARNA PARE PLEASE SIR MUJHE EK BAR YAD KIJIYE GA JARUR-AAPKA FAIN PRASANJEET”ADARSH” KOT BAZAR SITAMARHI (BIHAR)

  43. sir can you please send me a speech to be delivered in a college competition on my mail id- jyotimaggu.angel@gmail.com.
    speech topic- 1857 ke savtantrata sangram mein haryana ke veero ka yogdan…. i need it urgently…. a good speech in hindi

  44. hi sir,

    how are you?
    I’m also working for Inquilab.
    nice to meet you
    I wish call u soon
    plz can I get ur phn no.?

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