Archive for the ‘यादों के झरोखे में’ Category
आज फिर जीने की तमन्ना है..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 31, 2008 | Leave a Comment »
कभी-कभी महसूस होता है कि मैं किसी जमाने में बादशाह-ए-हिंद रहा होऊंगा..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 31, 2008 | Leave a Comment »
मैं तो हूं अलबेला…हजारों में अकेला..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 31, 2008 | Leave a Comment »
सितंबर, 2006…सुबह होने को है लेकिन काम का जुनून जाग रहा है…फिर मुझे नींद कैसे आएगी..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 11, 2008 | Leave a Comment »
देश और दुनिया के हालात पर चिंतन-मनन…काम के दौरान फुर्सत के दो पल..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 11, 2008 | Leave a Comment »
चलो दिलदार चलो…चांद के पार चलो..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 11, 2008 | Leave a Comment »
मेरी पहली पुस्तक…देहमुक्ति की अवधारणा और हिंदी फिल्में…राइटिंग मस्ट गो ऑन..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 11, 2008 | Leave a Comment »
दिल्ली के शिक्षा मंत्री अरविंदर सिंह लवली…मुझे प्रतिभा पुरस्कार का मेडल पहनाते हुए..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 7, 2008 | Leave a Comment »
दो दिवसीय मीडिया कार्यशाला में मेरा स्वागत…खुशी के पल..!
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मंच पर जाना और छा जाना…एंकरिंग…माई पैसन…मैं और मेरी शायरी..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 7, 2008 | Leave a Comment »
लेखन के लिए हिंदी अकादमी का अवार्ड प्राप्त करते हुए…लेखनी की ताकत का अनूठा अहसास!
Posted in यादों के झरोखे में on March 7, 2008 | Leave a Comment »
लोग कहते हैं कि आदर्श यू आर टू स्मार्ट!
Posted in यादों के झरोखे में on March 6, 2008 | Leave a Comment »
भारतवर्ष को मेरी सख्त जरूरत है..!
Posted in यादों के झरोखे में on March 6, 2008 | Leave a Comment »