23 मार्च, 1931 को भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव शहीद हुए थे। आज के दिन उनकी शहादत 23 मार्च, 1931 को भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव शहीद हुए थे। आज के दिन उनकी शहादत को जरूर याद किया जाना चाहिए। पर फुर्सत किसे है? कहीं आईपीएल का जलवा है तो कहीं मायावती को पहनाए गए नोटों की माला पर चर्चा-परिचर्चा। हमारा मकसद शहीद भगत सिंह की उपेक्षा की शिकायत करना नहीं है। इंकलाब जिंदाबाद मंच उनकी शहादत को नमन करता है और अपने पाठकों से यह उम्मीद रखता है कि वो भगत सिंह को और ज्यादा जानने और समझने की कोशिश में जुटेंगे। उनके विचार दिलों में जिंदा रहेंगे तो हम सकारात्मक बदलाव की तरफ अग्रसर हो सकेंगे। – इंकलाब जिंदाबाद मंच को जरूर याद किया जाना चाहिए। पर फुर्सत किसे है? कहीं आईपीएल का जलवा है तो कहीं मायावती को पहनाए गए नोटों की माला पर चर्चा-परिचर्चा। हमारा मकसद शहीद भगत सिंह की उपेक्षा की शिकायत करना नहीं है। इंकलाब जिंदाबाद मंच उनकी शहादत को नमन करता है और अपने पाठकों से यह उम्मीद रखता है कि वो भगत सिंह को और ज्यादा जानने और समझने की कोशिश में जुटेंगे। उनके विचार दिलों में जिंदा रहेंगे तो हम सकारात्मक बदलाव की तरफ अग्रसर हो सकेंगे।
- इंकलाब जिंदाबाद मंच